मंगलवार 27 अक्टूबर 2026 - 21:01
नेतनयाहू की पार्टी को चुनाव में हार का डर, नतीजों को विवादित बनाने की तैयारी

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू की पार्टी लिकुड को चुनावी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कथित तौर पर चुनावी नतीजों को विवादित बनाने की तैयारी की जा रही है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल में आम चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू की सत्ता में वापसी की राह मुश्किल दिखाई दे रही है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर और सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत मिलने की अनिश्चितता के बीच नेतनयाहू की पार्टी लिकुड ने कथित तौर पर चुनावी नतीजों को चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है। इस्राइली मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी के भीतर इस संभावना पर भी विचार किया जा रहा है कि यदि नतीजे नेतनयाहू के खिलाफ आते हैं, तो चुनाव में धांधली के आरोप लगाकर परिणामों को विवादित बनाया जाए।

इस्राइली समाचार पत्र ‘द टाइम्स ऑफ इस्राइल’ के अनुसार, लिकुड पार्टी के कुछ सूत्रों ने बताया है कि अरब बहुल इलाकों में स्थित मतदान केंद्रों के खिलाफ कथित धांधली से संबंधित शिकायतें तैयार की जा रही हैं। इसमें मतदान प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े कुछ अन्य मामलों पर आपत्तियां उठाने की तैयारी भी शामिल है।

रिपोर्ट के अनुसार, नेतनयाहू की पार्टी और उसके सहयोगियों ने लगभग दो हजार कार्यकर्ताओं को अरब बहुल क्षेत्रों के मतदान केंद्रों के आसपास तैनात करने की घोषणा भी की थी। इस कदम की आलोचना करते हुए आशंका जताई गई कि कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या मतदाताओं पर दबाव डालने या उन्हें डराने का कारण बन सकती है।

इस्राइली मीडिया की रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि लिकुड पार्टी के भीतर इस स्थिति पर चर्चा हुई है कि यदि चुनावी नतीजे नेतनयाहू के खिलाफ आते हैं, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वर्ष 2020 के चुनाव अभियान की तर्ज पर चुनाव परिणामों को धांधली से प्रभावित बताने का अभियान चलाया जा सकता है।

इस प्रकार, चुनावी नतीजे सामने आने से पहले ही उन पर आपत्तियां उठाने की तैयारियों ने इस्राइल के राजनीतिक माहौल में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। हालांकि, चुनावी परिणामों की वास्तविक स्थिति मतगणना पूरी होने और आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

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